अल-बक़रा · 2:20
يَكَادُ الْبَرْقُ يَخْطَفُ اَبْصَارَهُمْۜ كُلَّمَٓا اَضَٓاءَ لَهُمْ مَشَوْا ف۪يهِۙ وَاِذَٓا اَظْلَمَ عَلَيْهِمْ قَامُواۜ وَلَوْ شَٓاءَ اللّٰهُ لَذَهَبَ بِسَمْعِهِمْ وَاَبْصَارِهِمْۜ اِنَّ اللّٰهَ عَلٰى كُلِّ شَيْءٍ قَد۪يرٌ۟
मानो शीघ्र ही बिजली उनकी आँखों की रौशनी उचक लेने को है; जब भी उनपर चमकती हो, वे चल पड़ते हो और जब उनपर अँधेरा छा जाता हैं तो खड़े हो जाते हो; अगर अल्लाह चाहता तो उनकी सुनने और देखने की शक्ति बिलकुल ही छीन लेता। निस्सन्देह अल्लाह को हर चीज़ की सामर्थ्य प्राप्त है
Word-by-word analysis is only wired up for the demo verses (1:1 and 1:2) for now.