अल-बक़रा · 2:225
لَا يُؤَاخِذُكُمُ اللّٰهُ بِاللَّغْوِ ف۪ٓي اَيْمَانِكُمْ وَلٰكِنْ يُؤَاخِذُكُمْ بِمَا كَسَبَتْ قُلُوبُكُمْۜ وَاللّٰهُ غَفُورٌ حَل۪يمٌ
अल्लाह तुम्हें तुम्हारी ऐसी कसमों पर नहीं पकड़ेगा जो यूँ ही मुँह से निकल गई हो, लेकिन उन क़समों पर वह तुम्हें अवश्य पकड़ेगा जो तुम्हारे दिल के इरादे का नतीजा हों। अल्लाह बहुत क्षमा करनेवाला, सहनशील है
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