अल-बक़रा · 2:28

كَيْفَ تَكْفُرُونَ بِاللّٰهِ وَكُنْتُمْ اَمْوَاتًا فَاَحْيَاكُمْۚ ثُمَّ يُم۪يتُكُمْ ثُمَّ يُحْي۪يكُمْ ثُمَّ اِلَيْهِ تُرْجَعُونَ

तुम अल्लाह के साथ अविश्वास की नीति कैसे अपनाते हो, जबकि तुम निर्जीव थे तो उसने तुम्हें जीवित किया, फिर वही तुम्हें मौत देता हैं, फिर वही तुम्हें जीवित करेगा, फिर उसी की ओर तुम्हें लौटना हैं?

Word-by-word analysis is only wired up for the demo verses (1:1 and 1:2) for now.