अल-बक़रा · 2:96

وَلَتَجِدَنَّهُمْ اَحْرَصَ النَّاسِ عَلٰى حَيٰوةٍۚ وَمِنَ الَّذ۪ينَ اَشْرَكُوا يَوَدُّ اَحَدُهُمْ لَوْ يُعَمَّرُ اَلْفَ سَنَةٍۚ وَمَا هُوَ بِمُزَحْزِحِه۪ مِنَ الْعَذَابِ اَنْ يُعَمَّرَۜ وَاللّٰهُ بَص۪يرٌ بِمَا يَعْمَلُونَ۟

तुम उन्हें सब लोगों से बढ़कर जीवन का लोभी पाओगे, यहाँ तक कि वे इस सम्बन्ध में शिर्क करनेवालो से भी बढ़े हुए है। उनका तो प्रत्येक व्यक्ति यह इच्छा रखता है कि क्या ही अच्छा होता कि उस हज़ार वर्ष की आयु मिले, जबकि यदि उसे यह आयु प्राप्त भी जाए, तो भी वह अपने आपको यातना से नहीं बचा सकता। अल्लाह देख रहा है, जो कुछ वे कर रहे है

Word-by-word analysis is only wired up for the demo verses (1:1 and 1:2) for now.