आले-इमरान · 3:101
وَكَيْفَ تَكْفُرُونَ وَاَنْتُمْ تُتْلٰى عَلَيْكُمْ اٰيَاتُ اللّٰهِ وَف۪يكُمْ رَسُولُهُۜ وَمَنْ يَعْتَصِمْ بِاللّٰهِ فَقَدْ هُدِيَ اِلٰى صِرَاطٍ مُسْتَق۪يمٍ۟
अब तुम इनकार कैसे कर सकते हो, जबकि तुम्हें अल्लाह की आयतें पढ़कर सुनाई जा रही है और उसका रसूल तुम्हारे बीच मौजूद है? जो कोई अल्लाह को मज़बूती से पकड़ ले, वह सीधे मार्ग पर आ गया
Word-by-word analysis is only wired up for the demo verses (1:1 and 1:2) for now.