आले-इमरान · 3:183

اَلَّذ۪ينَ قَالُٓوا اِنَّ اللّٰهَ عَهِدَ اِلَيْنَٓا اَلَّا نُؤْمِنَ لِرَسُولٍ حَتّٰى يَاْتِيَنَا بِقُرْبَانٍ تَاْكُلُهُ النَّارُۜ قُلْ قَدْ جَٓاءَكُمْ رُسُلٌ مِنْ قَبْل۪ي بِالْبَيِّنَاتِ وَبِالَّذ۪ي قُلْتُمْ فَلِمَ قَتَلْتُمُوهُمْ اِنْ كُنْتُمْ صَادِق۪ينَ

ये वही लोग है जिनका कहना है कि "अल्लाह ने हमें ताकीद की है कि हम किसी रसूल पर ईमान न लाएँ, जबतक कि वह हमारे सामने ऐसी क़ुरबानी न पेश करे जिसे आग खा जाए।" कहो, "तुम्हारे पास मुझसे पहले कितने ही रसूल खुली निशानियाँ लेकर आ चुके है, और वे वह चीज़ भी लाए थे जिसके लिए तुम कह रहे हो। फिर यदि तुम सच्चे हो तो तुमने उन्हें क़त्ल क्यों किया?"

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