आले-इमरान · 3:84
قُلْ اٰمَنَّا بِاللّٰهِ وَمَٓا اُنْزِلَ عَلَيْنَا وَمَٓا اُنْزِلَ عَلٰٓى اِبْرٰه۪يمَ وَاِسْمٰع۪يلَ وَاِسْحٰقَ وَيَعْقُوبَ وَالْاَسْبَاطِ وَمَٓا اُو۫تِيَ مُوسٰى وَع۪يسٰى وَالنَّبِيُّونَ مِنْ رَبِّهِمْۖ لَا نُفَرِّقُ بَيْنَ اَحَدٍ مِنْهُمْۘ وَنَحْنُ لَهُ مُسْلِمُونَ
कहो, "हम तो अल्लाह पर और उस चीज़ पर ईमान लाए जो हम पर उतरी है, और जो इबराहीम, इसमाईल, इसहाक़ और याकूब़ और उनकी सन्तान पर उतरी उसपर भी, और जो मूसा और ईसा और दूसरे नबियो को उनके रब की ओर से प्रदान हुई (उसपर भी हम ईमान रखते है) । हम उनमें से किसी को उस ओर से प्रदान हुई (उसपर भी हम ईमान रखते है) । हम उनमें से किसी को उस सम्बन्ध से अलग नहीं करते जो उनके बीच पाया जाता है, और हम उसी के आज्ञाकारी (मुस्लिम) है।"
Word-by-word analysis is only wired up for the demo verses (1:1 and 1:2) for now.