आले-इमरान · 3:91

اِنَّ الَّذ۪ينَ كَفَرُوا وَمَاتُوا وَهُمْ كُفَّارٌ فَلَنْ يُقْبَلَ مِنْ اَحَدِهِمْ مِلْءُ الْاَرْضِ ذَهَبًا وَلَوِ افْتَدٰى بِه۪ۜ اُو۬لٰٓئِكَ لَهُمْ عَذَابٌ اَل۪يمٌ وَمَا لَهُمْ مِنْ نَاصِر۪ينَ۟

निस्संदेह जिन लोगों ने इनकार किया और इनकार ही की दशा में मरे, तो उनमें किसी से धरती के बराबर सोना भी, यदि उसने प्राण-मुक्ति के लिए दिया हो, कदापि स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों के लिए दुखद यातना है और उनका कोई सहायक न होगा

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