अन-निसा · 4:103
فَاِذَا قَضَيْتُمُ الصَّلٰوةَ فَاذْكُرُوا اللّٰهَ قِيَامًا وَقُعُودًا وَعَلٰى جُنُوبِكُمْۚ فَاِذَا اطْمَاْنَنْتُمْ فَاَق۪يمُوا الصَّلٰوةَۚ اِنَّ الصَّلٰوةَ كَانَتْ عَلَى الْمُؤْمِن۪ينَ كِتَابًا مَوْقُوتًا
फिर जब तुम नमाज़ अदा कर चुको तो खड़े, बैठे या लेटे अल्लाह को याद करते रहो। फिर जब तुम्हें इतमीनान हो जाए तो विधिवत रूप से नमाज़ पढ़ो। निस्संदेह ईमानवालों पर समय की पाबन्दी के साथ नमाज़ पढना अनिवार्य है
Word-by-word analysis is only wired up for the demo verses (1:1 and 1:2) for now.