अन-निसा · 4:141
اَلَّذ۪ينَ يَتَرَبَّصُونَ بِكُمْۚ فَاِنْ كَانَ لَكُمْ فَتْحٌ مِنَ اللّٰهِ قَالُٓوا اَلَمْ نَكُنْ مَعَكُمْۘ وَاِنْ كَانَ لِلْكَافِر۪ينَ نَص۪يبٌۙ قَالُٓوا اَلَمْ نَسْتَحْوِذْ عَلَيْكُمْ وَنَمْنَعْكُمْ مِنَ الْمُؤْمِن۪ينَۜ فَاللّٰهُ يَحْكُمُ بَيْنَكُمْ يَوْمَ الْقِيٰمَةِۜ وَلَنْ يَجْعَلَ اللّٰهُ لِلْكَافِر۪ينَ عَلَى الْمُؤْمِن۪ينَ سَب۪يلًا۟
जो तुम्हारे मामले में प्रतीक्षा करते है, यदि अल्लाह की ओर से तुम्हारी विजय़ हुई तो कहते है, "क्या हम तुम्हार साथ न थे?" और यदि विधर्मियों के हाथ कुछ लगा तो कहते है, "क्या हमने तुम्हें घेर नहीं लिया था और ईमानवालों से बचाया नहीं?" अतः अल्लाह क़ियामत के दिन तुम्हारे बीच फ़ैसला कर देगा, और अल्लाह विधर्मियों को ईमानवालों के मुक़ाबले में कोई राह नहीं देगा
Word-by-word analysis is only wired up for the demo verses (1:1 and 1:2) for now.