अन-निसा · 4:172
لَنْ يَسْتَنْكِفَ الْمَس۪يحُ اَنْ يَكُونَ عَبْدًا لِلّٰهِ وَلَا الْمَلٰٓئِكَةُ الْمُقَرَّبُونَۜ وَمَنْ يَسْتَنْكِفْ عَنْ عِبَادَتِه۪ وَيَسْتَكْبِرْ فَسَيَحْشُرُهُمْ اِلَيْهِ جَم۪يعًا
मसीह ने कदापि अपने लिए बुरा नहीं समझा कि वह अल्लाह का बन्दा हो और न निकटवर्ती फ़रिश्तों ने ही (इसे बुरा समझा) । और जो कोई अल्लाह की बन्दगी को अपने लिए बुरा समझेगा और घमंड करेगा, तो वह (अल्लाह) उन सभी लोगों को अपने पास इकट्ठा करके रहेगा
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