अन-निसा · 4:3
وَاِنْ خِفْتُمْ اَلَّا تُقْسِطُوا فِي الْيَتَامٰى فَانْكِحُوا مَا طَابَ لَكُمْ مِنَ النِّسَٓاءِ مَثْنٰى وَثُلٰثَ وَرُبَاعَۚ فَاِنْ خِفْتُمْ اَلَّا تَعْدِلُوا فَوَاحِدَةً اَوْ مَا مَلَكَتْ اَيْمَانُكُمْۜ ذٰلِكَ اَدْنٰٓى اَلَّا تَعُولُواۜ
और यदि तुम्हें आशंका हो कि तुम अनाथों (अनाथ लड़कियों) के प्रति न्याय न कर सकोगे तो उनमें से, जो तुम्हें पसन्द हों, दो-दो या तीन-तीन या चार-चार से विवाह कर लो। किन्तु यदि तुम्हें आशंका हो कि तुम उनके साथ एक जैसा व्यवहार न कर सकोंगे, तो फिर एक ही पर बस करो, या उस स्त्री (लौंड़ी) पर जो तुम्हारे क़ब्ज़े में आई हो, उसी पर बस करो। इसमें तुम्हारे न्याय से न हटने की अधिक सम्भावना है
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