अल-माइदा · 5:4
يَسْـَٔلُونَكَ مَاذَٓا اُحِلَّ لَهُمْۜ قُلْ اُحِلَّ لَكُمُ الطَّيِّبَاتُۙ وَمَا عَلَّمْتُمْ مِنَ الْجَوَارِحِ مُكَلِّب۪ينَ تُعَلِّمُونَهُنَّ مِمَّا عَلَّمَكُمُ اللّٰهُۘ فَكُلُوا مِمَّٓا اَمْسَكْنَ عَلَيْكُمْ وَاذْكُرُوا اسْمَ اللّٰهِ عَلَيْهِۖ وَاتَّقُوا اللّٰهَۜ اِنَّ اللّٰهَ سَر۪يعُ الْحِسَابِ
वे तुमसे पूछते है कि "उनके लिए क्या हलाल है?" कह दो, "तुम्हारे लिए सारी अच्छी स्वच्छ चीज़ें हलाल है और जिन शिकारी जानवरों को तुमने सधे हुए शिकारी जानवर के रूप में सधा रखा हो - जिनको जैस अल्लाह ने तुम्हें सिखाया हैं, सिखाते हो - वे जिस शिकार को तुम्हारे लिए पकड़े रखे, उसको खाओ और उसपर अल्लाह का नाम लो। और अल्लाह का डर रखो। निश्चय ही अल्लाह जल्द हिसाब लेनेवाला है।"
Word-by-word analysis is only wired up for the demo verses (1:1 and 1:2) for now.