अल-मुजादिला · 58:22

لَا تَجِدُ قَوْمًا يُؤْمِنُونَ بِاللّٰهِ وَالْيَوْمِ الْاٰخِرِ يُوَٓادُّونَ مَنْ حَٓادَّ اللّٰهَ وَرَسُولَهُ وَلَوْ كَانُٓوا اٰبَٓاءَهُمْ اَوْ اَبْنَٓاءَهُمْ اَوْ اِخْوَانَهُمْ اَوْ عَش۪يرَتَهُمْۜ اُو۬لٰٓئِكَ كَتَبَ ف۪ي قُلُوبِهِمُ الْا۪يمَانَ وَاَيَّدَهُمْ بِرُوحٍ مِنْهُۜ وَيُدْخِلُهُمْ جَنَّاتٍ تَجْر۪ي مِنْ تَحْتِهَا الْاَنْهَارُ خَالِد۪ينَ ف۪يهَاۜ رَضِيَ اللّٰهُ عَنْهُمْ وَرَضُوا عَنْهُۜ اُو۬لٰٓئِكَ حِزْبُ اللّٰهِۜ اَلَٓا اِنَّ حِزْبَ اللّٰهِ هُمُ الْمُفْلِحُونَ

तुम उन लोगों को ऐसा कभी नहीं पाओगे जो अल्लाह और अन्तिम दि पर ईमान रखते है कि वे उन लोगों से प्रेम करते हो जिन्होंने अल्लाह और उसके रसूल का विरोध किया, यद्यपि वे उनके अपने बाप हों या उनके अपने बेटे हो या उनके अपने भाई या उनके अपने परिवारवाले ही हो। वही लोग हैं जिनके दिलों में अल्लाह ने ईमान को अंकित कर दिया है और अपनी ओर से एक आत्मा के द्वारा उन्हें शक्ति दी है। और उन्हें वह ऐसे बाग़ों में दाख़िल करेगा जिनके नीचे नहरें बह रही होंगी; जहाँ वे सदैव रहेंगे। अल्लाह उनसे राज़ी हुआ और वे भी उससे राज़ी हुए। वे अल्लाह की पार्टी के लोग है। सावधान रहो, निश्चय ही अल्लाह की पार्टीवाले ही सफल है

Word-by-word analysis is only wired up for the demo verses (1:1 and 1:2) for now.