अल-मुमतहिना · 60:9

اِنَّمَا يَنْهٰيكُمُ اللّٰهُ عَنِ الَّذ۪ينَ قَاتَلُوكُمْ فِي الدّ۪ينِ وَاَخْرَجُوكُمْ مِنْ دِيَارِكُمْ وَظَاهَرُوا عَلٰٓى اِخْرَاجِكُمْ اَنْ تَوَلَّوْهُمْۚ وَمَنْ يَتَوَلَّهُمْ فَاُو۬لٰٓئِكَ هُمُ الظَّالِمُونَ

अल्लाह तो तुम्हें केवल उन लोगों से मित्रता करने से रोकता है जिन्होंने धर्म के मामले में तुमसे युद्ध किया और तुम्हें तुम्हारे अपने घरों से निकाला और तुम्हारे निकाले जाने के सम्बन्ध में सहायता की। जो लोग उनसे मित्रता करें वही ज़ालिम है

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