अत-तग़ाबुन · 64:4
يَعْلَمُ مَا فِي السَّمٰوَاتِ وَالْاَرْضِ وَيَعْلَمُ مَا تُسِرُّونَ وَمَا تُعْلِنُونَۜ وَاللّٰهُ عَل۪يمٌ بِذَاتِ الصُّدُورِ
वह जानता है जो कुछ आकाशों और धरती में है और उसे भी जानता है जो कुछ तुम छिपाते हो और जो कुछ तुम प्रकट करते हो। अल्लाह तो सीनों में छिपी बात तक को जानता है
Word-by-word analysis is only wired up for the demo verses (1:1 and 1:2) for now.