573. पृष्ठ - कुरान पढ़ें

573. पृष्ठ
72 · अल-जिन
وَاَنَّا مِنَّا الْمُسْلِمُونَ وَمِنَّا الْقَاسِطُونَۜ فَمَنْ اَسْلَمَ فَاُو۬لٰٓئِكَ تَحَرَّوْا رَشَدًا14
"और यह कि हममें से कुछ मुस्लिम (आज्ञाकारी) है और हममें से कुछ हक़ से हटे हुए है। तो जिन्होंने आज्ञापालन का मार्ग ग्रहण कर लिया उन्होंने भलाई और सूझ-बूझ की राह ढूँढ़ ली
وَاَمَّا الْقَاسِطُونَ فَكَانُوا لِجَهَنَّمَ حَطَبًاۙ15
"रहे वे लोग जो हक़ से हटे हुए है, तो वे जहन्नम का ईधन होकर रहे।"
وَاَنْ لَوِ اسْتَقَامُوا عَلَى الطَّر۪يقَةِ لَاَسْقَيْنَاهُمْ مَٓاءً غَدَقًاۙ16
और वह प्रकाशना की गई है कि यदि वे सीधे मार्ग पर धैर्यपूर्वक चलते तो हम उन्हें पर्याप्त जल से अभिषिक्त करते,
لِنَفْتِنَهُمْ ف۪يهِۚ وَمَنْ يُعْرِضْ عَنْ ذِكْرِ رَبِّه۪ يَسْلُكْهُ عَذَابًا صَعَدًاۙ17
ताकि हम उसमें उनकी परीक्षा करें। और जो कोई अपने रब की याद से कतराएगा, तो वह उसे कठोर यातना में डाल देगा
وَاَنَّ الْمَسَاجِدَ لِلّٰهِ فَلَا تَدْعُوا مَعَ اللّٰهِ اَحَدًاۙ18
और यह कि मस्जिदें अल्लाह के लिए है। अतः अल्लाह के साथ किसी और को न पुकारो
وَاَنَّهُ لَمَّا قَامَ عَبْدُ اللّٰهِ يَدْعُوهُ كَادُوا يَكُونُونَ عَلَيْهِ لِبَدًاۜ۟19
और यह कि "जब अल्लाह का बन्दा उसे पुकारता हुआ खड़ा हुआ तो वे ऐसे लगते है कि उसपर जत्थे बनकर टूट पड़ेगे।"
قُلْ اِنَّمَٓا اَدْعُوا رَبّ۪ي وَلَٓا اُشْرِكُ بِه۪ٓ اَحَدًا20
कह दो, "मैं तो बस अपने रब ही को पुकारता हूँ, और उसके साथ किसी को साझी नहीं ठहराता।"
قُلْ اِنّ۪ي لَٓا اَمْلِكُ لَكُمْ ضَرًّا وَلَا رَشَدًا21
कह दो, "मैं तो तुम्हारे लिए न किसी हानि का अधिकार रखता हूँ और न किसी भलाई का।"
قُلْ اِنّ۪ي لَنْ يُج۪يرَن۪ي مِنَ اللّٰهِ اَحَدٌ وَلَنْ اَجِدَ مِنْ دُونِه۪ مُلْتَحَدًاۙ22
कहो, "अल्लाह के मुक़ाबले में मुझे कोई पनाह नहीं दे सकता और न मैं उससे बचकर कतराने की कोई जगह पा सकता हूँ। -
اِلَّا بَلَاغًا مِنَ اللّٰهِ وَرِسَالَاتِه۪ۜ وَمَنْ يَعْصِ اللّٰهَ وَرَسُولَهُ فَاِنَّ لَهُ نَارَ جَهَنَّمَ خَالِد۪ينَ ف۪يهَٓا اَبَدًاۜ23
"सिवाय अल्लाह की ओर से पहुँचने और उसके संदेश देने के। और जो कोई अल्लाह और उसके रसूल की अवज्ञा करेगा तो उसके लिए जहन्नम की आग है, जिसमें ऐसे लोग सदैव रहेंगे।"
حَتّٰٓى اِذَا رَاَوْا مَا يُوعَدُونَ فَسَيَعْلَمُونَ مَنْ اَضْعَفُ نَاصِرًا وَاَقَلُّ عَدَدًا24
यहाँ तक कि जब वे उस चीज़ को देख लेंगे जिसका उनसे वादा किया जाता है तो वे जान लेंगे कि कौन अपने सहायक की दृष्टि से कमज़ोर और संख्या में न्यूतर है
قُلْ اِنْ اَدْر۪ٓي اَقَر۪يبٌ مَا تُوعَدُونَ اَمْ يَجْعَلُ لَهُ رَبّ۪ٓي اَمَدًا25
कह दो, "मैं नहीं जानता कि जिस चीज़ का तुमसे वादा किया जाता है वह निकट है या मेरा रब उसके लिए लम्बी अवधि ठहराता है
عَالِمُ الْغَيْبِ فَلَا يُظْهِرُ عَلٰى غَيْبِه۪ٓ اَحَدًاۙ26
"परोक्ष का जाननेवाला वही है और वह अपने परोक्ष को किसी पर प्रकट नहीं करता,
اِلَّا مَنِ ارْتَضٰى مِنْ رَسُولٍ فَاِنَّهُ يَسْلُكُ مِنْ بَيْنِ يَدَيْهِ وَمِنْ خَلْفِه۪ رَصَدًاۙ27
सिवाय उस व्यक्ति के जिसे उसने रसूल की हैसियत से पसन्द कर लिया हो तो उसके आगे से और उसके पीछे से निगरानी की पूर्ण व्यवस्था कर देता है,
لِيَعْلَمَ اَنْ قَدْ اَبْلَغُوا رِسَالَاتِ رَبِّهِمْ وَاَحَاطَ بِمَا لَدَيْهِمْ وَاَحْصٰى كُلَّ شَيْءٍ عَدَدًا28
ताकि वह यक़ीनी बना दे कि उन्होंने अपने रब के सन्देश पहुँचा दिए और जो कुछ उनके पास है उसे वह घेरे हुए है और हर चीज़ को उसने गिन रखा है।"