अल-फ़ातिहा · 1:2

اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ رَبِّ الْعَالَم۪ينَۙ

प्रशंसा अल्लाह ही के लिए हैं जो सारे संसार का रब हैं

اَلْحَمْدُ
अल्-हम्दु

रंगीन अक्षर मूल (धातु) हैं — अर्थ का केंद्र। बाक़ी उपसर्ग, स्वर-चिह्न और साँचा हैं। इन्हें पहचानना सीख लें तो किसी अनजान शब्द में भी मूल ढूँढ़ सकते हैं।

अर्थ
हम्द (प्रशंसा)
शब्द-भेद
संज्ञा (اسم)
शब्द के भाग
ال (निश्चयवाचक उपसर्ग) + حَمْد
मूल (धातु)
ح م د
मूल का अर्थ
प्रशंसा, स्तुति। حَمْد (हम्द), مَحْمُود (प्रशंसित)।
शब्दकोश रूप
حَمْد
व्युत्पत्ति
क्रिया-नाम (मस्दर) — ‘प्रशंसा करना’ से
लिंग
पुल्लिंग
वचन
एकवचन
निश्चितता
निश्चित (ال उपसर्ग से)
वाक्य में भूमिका
कर्ता
प्रभावकारी शब्द
कोई नहीं — वाक्य के आरंभ में
कारक (स्थिति)
कर्ता कारक (ज़म्मा/पेश)
व्याकरण
वाक्य का कर्ता। अरबी में वाक्य के आरंभ का कर्ता पेश (ज़म्मा) के साथ पढ़ा जाता है: अल्-हम्दु।