अल-फ़ातिहा · 1:3
اَلرَّحْمٰنِ الرَّح۪يمِۙ
बड़ा कृपालु, अत्यन्त दयावान हैं
اَلرَّحْمٰنِ
अर्-रहमानि
रंगीन अक्षर मूल (धातु) हैं — अर्थ का केंद्र। बाक़ी उपसर्ग, स्वर-चिह्न और साँचा हैं। इन्हें पहचानना सीख लें तो किसी अनजान शब्द में भी मूल ढूँढ़ सकते हैं।
- अर्थ
- रहमान (अत्यंत दयालु)
- शब्द-भेद
- विशेषण (صفة)
- शब्द के भाग
- ال (निश्चयवाचक उपसर्ग) + رَحْمٰن
- मूल (धातु)
- ر ح م
- मूल का अर्थ
- दया, करुणा। رَحْمَة (दया), رَحْمٰن (अत्यंत दयालु), رَحِيم (दयावान)।
- शब्दकोश रूप
- رَحْمٰن
- व्युत्पत्ति
- अतिशयता का साँचा (فَعْلان) — ‘अत्यंत दयालु’
- लिंग
- पुल्लिंग
- वचन
- एकवचन
- निश्चितता
- निश्चित (ال उपसर्ग से)
- वाक्य में भूमिका
- ‘अल्लाह’ का विशेषण
- प्रभावकारी शब्द
- आयत 2 का ‘अल्लाह’ शब्द
- कारक (स्थिति)
- संबंध कारक (कसरा/ज़ेर)
- व्याकरण
- पिछली आयत के ‘अल्लाह’ को विशेषित करता रहता है। उसके अनुरूप ज़ेर के साथ पढ़ा जाता है।