अल-फ़ातिहा · 1:4
مَالِكِ يَوْمِ الدّ۪ينِۜ
बदला दिए जाने के दिन का मालिक हैं
مَالِكِ
मालिकि
रंगीन अक्षर मूल (धातु) हैं — अर्थ का केंद्र। बाक़ी उपसर्ग, स्वर-चिह्न और साँचा हैं। इन्हें पहचानना सीख लें तो किसी अनजान शब्द में भी मूल ढूँढ़ सकते हैं।
- अर्थ
- मालिक
- शब्द-भेद
- संज्ञा (اسم)
- मूल (धातु)
- م ل ك
- मूल का अर्थ
- स्वामी होना, राज्य करना। مَلِك (राजा), مَالِك (मालिक), مُلْك (राज्य)।
- शब्दकोश रूप
- مَالِك
- व्युत्पत्ति
- ‘…करने वाला’ अर्थ की संज्ञा (कर्तृवाचक) — ‘स्वामी’
- लिंग
- पुल्लिंग
- वचन
- एकवचन
- निश्चितता
- निश्चित (तमलमा में)
- वाक्य में भूमिका
- ‘अल्लाह’ का विशेषण + तमलमा का पहला शब्द
- प्रभावकारी शब्द
- ‘अल्लाह’ शब्द
- कारक (स्थिति)
- संबंध कारक (कसरा/ज़ेर)
- व्याकरण
- ‘अल्लाह’ का एक और विशेषण, इसलिए ज़ेर। साथ ही ‘दिन’ के साथ तमलमा बनाता है: ‘…दिन का मालिक’।