अल-फ़ातिहा · 1:5

اِيَّاكَ نَعْبُدُ وَاِيَّاكَ نَسْتَع۪ينُۜ

हम तेरी बन्दगी करते हैं और तुझी से मदद माँगते हैं

اِيَّاكَ
इय्याक
अर्थ
केवल तेरी
शब्द-भेद
अलग लिखा जाने वाला सर्वनाम (ضمير منفصل)
शब्द के भाग
إِيَّا (सर्वनाम आधार) + كَ (तू)
लिंग
द्वितीय पुरुष, पुल्लिंग
वचन
एकवचन
वाक्य में भूमिका
कर्म — बल के लिए क्रिया से पहले लाया गया
प्रभावकारी शब्द
نَعْبُدُ (इबादत करते हैं) क्रिया
कारक (स्थिति)
कर्म स्थिति (अंत नहीं बदलता)
व्याकरण
वाक्य का कर्म: किसकी इबादत की जाती है यह बताता है। सामान्यतः क्रिया के बाद आता; आगे लाना ‘केवल तेरी, किसी और की नहीं’ का बल देता है। इस सर्वनाम का अंत भूमिका से नहीं बदलता।