अल-इख़लास · 112:4

وَلَمْ يَكُنْ لَهُ كُفُوًا اَحَدٌ

और न कोई उसका समकक्ष है।"

وَلَمْ
व लम
अर्थ
और नहीं
शब्द-भेद
समुच्चयबोधक (وَ) + निषेध अव्यय (لَمْ)
शब्द के भाग
وَ (और) + لَمْ (नहीं)
वाक्य में भूमिका
पिछले वाक्य से जोड़ता और नकारता है
कारक (स्थिति)
अव्यय (अंत नहीं बदलता)
व्याकरण
‘व’ जोड़ता है; ‘लम’ अगली क्रिया को नकार-भूत और जज़्म कर देता है।