अल-बक़रा · 2:1
الٓمٓۚ
अलीफ़॰ लाम॰ मीम॰
الٓمٓ
अलिफ़ लाम मीम
- अर्थ
- अलिफ़ लाम मीम
- शब्द-भेद
- वियुक्त अक्षर (हुरूफ़-ए-मुक़त्तआ)
- वाक्य में भूमिका
- सूरत के आरंभिक अक्षर
- कारक (स्थिति)
- कोई कारक नहीं (अक्षरशः पढ़े जाते)
- व्याकरण
- अलग-अलग पढ़े जाने वाले तीन अक्षर: अलिफ़, लाम, मीम। क़ुरआन की चौदह सूरतें ऐसे अक्षरों से आरंभ होती हैं; इनका पूरा अर्थ अल्लाह ही जानता है। वाक्य में कोई भूमिका या कारक नहीं लेते; अपने आप में खड़े रहते हैं।