अल-बक़रा · 2:7
خَتَمَ اللّٰهُ عَلٰى قُلُوبِهِمْ وَعَلٰى سَمْعِهِمْۜ وَعَلٰٓى اَبْصَارِهِمْ غِشَاوَةٌۘ وَلَهُمْ عَذَابٌ عَظ۪يمٌ۟
अल्लाह ने उनके दिलों पर और कानों पर मुहर लगा दी है और उनकी आँखों पर परदा पड़ा है, और उनके लिए बड़ी यातना है
خَتَمَ
ख़तम
रंगीन अक्षर मूल (धातु) हैं — अर्थ का केंद्र। बाक़ी उपसर्ग, स्वर-चिह्न और साँचा हैं। इन्हें पहचानना सीख लें तो किसी अनजान शब्द में भी मूल ढूँढ़ सकते हैं।
- अर्थ
- मुहर लगा दी
- शब्द-भेद
- क्रिया (فعل)
- मूल (धातु)
- خ ت م
- मूल का अर्थ
- मुहर लगाना, समाप्त करना। خَتَمَ (मुहर लगाई), خَاتَم (मुहर; अंतिम), خِتَام (समाप्ति)।
- आवृत्ति
- क़ुरआन की 8 आयतों में आता है
- शब्दकोश रूप
- خَتَمَ
- क्रिया रूप (बाब)
- पहला बाब (فَعَلَ)
- काल
- भूतकाल
- वाच्य
- कर्तृवाच्य
- वृत्ति (भाव)
- सूचना (मब्नी)
- पुरुष
- तृतीय पुरुष, पुल्लिंग, एकवचन
- वाक्य में भूमिका
- क्रिया; कर्ता आगे का ‘अल्लाह’
- कारक (स्थिति)
- भूतकाल (अंत नहीं बदलता)
- व्याकरण
- ‘मुहर लगा दी’ — भूतकाल की क्रिया। कर्ता तुरंत बाद (‘अल्लाह’), और किस पर मुहर, यह ‘पर’ से: उनके दिलों और सुनने पर।
क्रिया रूप
भूतकाल में प्रत्यय कर्ता दर्शाता है (‑tu=मैं, ‑nā=हम, ‑ta=तू)।